
ऊना। स्वास्थ्य और निवेश के क्षेत्र में प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य का खिताब पाने के बाद दिल्ली से लौटते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शुक्रवार रात करीब 12 बजे ऊना पहुंचे। मुख्यमंत्री परिधि गृह में ही रुके। यहां पहुंचने पर उनका जिला कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र धर्माणी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें हिमाचल प्रदेश को यह गौरवपूर्ण उपलब्धि दिलवाने के लिए बधाई भी दी। चिंतपूर्णी के विधायक एवं वित्त आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार भी मुख्यमंत्री के साथ थे।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सुबह धर्मशाला में चल रहे विधानसभा सत्र के लिए रवाना होने से पहले जिला ऊना में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की फीडबैक ली। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों को तेजी से अमलीजामा पहनाने और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ पूरी मुस्तैदी से पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए कि वे फील्ड में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समय समय पर मानीटरिंग भी करें और जन समस्याओं के निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि ऊना जिला को सबसे बड़ा तोहफा 922.48 करोड़ लागत की स्वां तटीकरण योजना के रूप में मिला है। ऊना जिला के सलोह में 122 करोड़ की लागत से देश का 12वां व हिमाचल प्रदेश का पहला भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान खुलने जा रहा है।
इस अवसर पर खादी बोर्ड के उत्तरी क्षेत्र के निदेशक देशराज गौतम, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य सतपाल रायजादा, जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव विजय आंगरा, मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं प्रदेश के सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य सचिव टीजी नेगी, डीसी अभिषेक जैन, सहायक आयुक्त एसके पराशर, एसपी अनुपम शर्मा, एडीसी दर्शन कालिया, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एके कोहली सहित अनेक अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
